- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: वीरभद्र को स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट, राजा स्वरूप में सजे बाबा!
- आज 12-12 घंटे का दिन-रात: उज्जैन की जीवाजी वेधशाला में वसंत संपात देखने पहुंचे छात्र-खगोलप्रेमी, आज से दिन होंगे लंबे
- 30 रोजों के बाद मनाई गई ईद: इंदिरा नगर ईदगाह में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग, नमाज के बाद गले मिलकर बांटी खुशियां; पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
- शेषनाग मुकुट और मुण्ड माला से सजे बाबा महाकाल: तड़के भस्म आरती में भक्त हुए भाव-विभोर, ‘जय श्री महाकाल’ से गूंजा परिसर!
- उज्जैन में ‘नैवेद्य लोक’ बना नया फूड हब: CM ने किया था उद्घाटन, शाम 5 से रात 10 बजे तक लगेंगे फूड स्टॉल्स
GST का असर, ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में बुकिंग प्रभावित
उज्जैन । केन्द्र सरकार द्वारा 1 जुलाई से जीएसटी लागू किया गया है। इसका असर अन्य व्यवसाय के साथ ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर भी पड़ा है। विगत चार दिन से माल की बुकिंग नाम मात्र की हो रही है, जीएसटी नंबर बनने की प्रक्रिया चल रही है, जिनके जीएसटी नंबर है वहीं माल की बुकिंग कर रहे है । जबकि अन्य माल ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी वाहनों में भर कर बाहर नहीं भेज रहे हैं। माल की आवक एवं जावक नहीं होने के कारण ट्रांसपोर्ट पर काम करने वाले हम्मालों पर भी पड़ा है जो कि कुछ दिनों से हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू किया गया है, इसका उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान हैं उज्जैन में कई ट्रांसपोर्ट है जहां से प्रदेश के अलावा अन्य प्रदेशों में माल भरकर भेजा जाता है इसके अलावा प्रतिनिधि बाहर माल भरकर उज्जैन पहुंचता है।
लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद 1 जुलाई से इसका असर दिखाई देने लगा है। क्योंकि अभी जिन व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर नहीं है वह अब ट्रांसपोर्ट के माध्यम से अपना माल बाहर नहीं भिजवा पा रहे है इसके अलावा ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी उन ही व्यापारियों का माल भर रहे है जिनके पास जीएसटी नंबर है, क्योंकि इसका उल्लंघन करने पर माल व्यवसायी के अलावा ट्रांसपोर्ट व्यवसायी को भी सजा हो सकती है।
इसी लिये ट्रांसपोर्ट व्यवसायी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। इंदौर जैसे शहर में पिछले तीन चार दिनों से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय मात्र दस प्रतिशत रह गया है। इसी प्रकार की स्थिति उज्जैन शहर की है। यदि यही हालत रही तो प्रमुख दुकानों पर किराना सहित अन्य सामान की कमी हो सकती है। उज्जैन से प्रतिदिन भोपाल,सिहोर, शाजापुर, मंदसौर, रतलाम, जबलपुर, छिंदवाड़ा, खण्डवा, खरगोन, आगर, राजगढ़ ब्यावरा, गुना शिवपुरी, आदि शहरों में माल भेजा जाता है। लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद माल का परिवहन नाम मात्र का हो रहा है।
जोशी ट्रांसपोर्ट के संचालक योगेश जोशी के मुताबिक बिना बिल एवं जीएसटी नंबर के माल की बुकिंग नहीं की जा रही है। भेजने वाले एवं पाने वाले दोनों का जीएसटी नंबर होना जरूरी है। अभी बहुत कम व्यापारियों के पास जीएसटी नंबर है इस लिये दस पंद्रह दिन तक इस प्रकार की स्थिति रह सकती है।
न्यूगीता ट्रांसपोर्ट के संचालक किशोर भाई के कहना है कि ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के सामने केन्द्र सरकार के द्वारा बनाये गये नियम कानूनों को लेकर अमनजस की स्थिति बनी हुई है। उज्जैन से कई शहरों में माल का परिवहन होता है लेकिन एक जुलाई से परिवहन लगभग दस प्रतिशत हो गया है। क्योंकि बिना बिल के माल को नहीं भरा जा रहा है इसके साथ ही जीएसटी नंबर होना भी जरूरी है।